बेल कब ली जा सकती है नॉन बेलेबल जुर्म करने पर When can a person take bail in non-bailable cases

figure class=”wp-block-gallery आज इस आर्टिकल में हम देखेंगे कि एक मुजरिम कब बेल ले सकता है, अगर उसने कोई non-bailable ऑफेंस यानी जुर्म किया है। मतलब एक क्रिमिनल जो ऐसा क्राइम करता है जो गैर ज़मानती है, लेकिन फिर भी उसे ज़मानत मिल सकती है। Today in this article, we will see when a criminalContinue reading “बेल कब ली जा सकती है नॉन बेलेबल जुर्म करने पर When can a person take bail in non-bailable cases”

अनसाउंड माइंड के साथ कोर्ट का ट्रीटमेंट कैसा होता है सेक्शन 328 से 339. What is the treatment of the court with unsound mind? Sections 328 to 339.

आज इस आर्टिकल में हम जानेंगे सीआरपीसी के प्रोविजंस जिसमें यह लिखा है कि कोर्ट एक अनसाउंड माइंड यानी एक पागल इंसान को कैसे ट्रीट करेगा अगर वह कोई जुर्म करता है।Today in this article, we will know the provisions of CRPC in which it is written that how the court will treat an unsoundContinue reading “अनसाउंड माइंड के साथ कोर्ट का ट्रीटमेंट कैसा होता है सेक्शन 328 से 339. What is the treatment of the court with unsound mind? Sections 328 to 339.”

समरी ट्रायल क्या होता है सेक्शन 260 से लेकर 265 सीआरपीसी?

समरी ट्रायल समझने से पहले हमें यह पता होना चाहिए कि ट्रायल क्या होता है। ट्रायल से हमारा मतलब है, कि किसी भी केस का कोर्ट में चलना जिसे हम अपनी आम भाषा में कहते हैं मुकदमा कोर्ट में चलना। इसी तरीके से समरी ट्रायल का मतलब है मुकदमा कोर्ट में चलना। लेकिन उस मुकदमेContinue reading “समरी ट्रायल क्या होता है सेक्शन 260 से लेकर 265 सीआरपीसी?”

केस एक कोर्ट से दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर कैसे किया जा सकता है सेक्शन 406 407 और 408 crpc?

जैसे कि हमारा कोई केस दिल्ली कोर्ट में चल रहा है और अब हम चाहते हैं कि हम उस केस को राजस्थान कोर्ट में ट्रांसफर करवा लें। केस ट्रांसफर का प्रोविजन क्रिमिनल प्रोसीजर कोड यानी सीआरपीसी की सेक्शन 406 407 और 408 के अंदर बताया गया है तो चलिए हम इन sections को पढ़ लेतेContinue reading “केस एक कोर्ट से दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर कैसे किया जा सकता है सेक्शन 406 407 और 408 crpc?”

Arrest क्या होता है? और section 41 of Crpc क्या है?

Arrest से हमारा मतलब है लीगल तरीके से किसी इंसान को रोक देना। यानि उसकी मूवमेंट पर रोक लगा देना। लेकिन अरेस्ट्स कानूनी तौर से होना चाहिए अगर हम किसी इंसान को गैरकानूनी तरीके से रोकेंगे तो अरेस्ट नहीं होगा। उस सूरत में हम इसको रागफूल कन्फाइनमेंट कहेंगे। अरेस्ट करने की पावर कानून ने पुलिसContinue reading “Arrest क्या होता है? और section 41 of Crpc क्या है?”